VivaTech 2026: PM मोदी बोले- AI का लोकतांत्रिककरण जरूरी, तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए
PM Modi says democratization of AI is essential
नई दिल्ली। PM Modi says democratization of AI is essential, ऐसे समय जब आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस (AI) के नियमन व इस्तेमाल को लेकर वैश्विक विवाद बढ़ने के संकेत है तब पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप उत्सव विवाटेक 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि, 'जब प्रौद्योगिकी की बात आती है तो आविष्कार के साथ ही इसकी पहुंच भी मायने रखती है।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'प्रौद्योगिकी तभी प्रगति का कारण बन सकती है, जब उसका लोकतांत्रिककरण किया जाए। भारत का मानना है कि इस विघटन के युग में प्रौद्योगिकी को सभी के लिए परिणाम देना चाहिए।'
पीएम मोदी ने जब यह बात कही तो वहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों भी साथ थे। मैकों ने इस मंच से यूरोप को अमेरिका व चीन के बीच एआइ को लेकर चल रही प्रतिस्पर्द्धा में एक स्वतंंत्र प्लेयर बनाने की वकातल की और इस काम में फ्रांस व भारत के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया।
हाल ही में अमेरिका ने नवीनतम एआइ मॉडल्स एंथ्रोपिक के निर्यात पर रोक लगा दी है जिससे कंपनी को इन्हें पूरी दुनिया के लिए बंद करना पड़ा है। इससे एआइ के इस्तेमाल को लेकर वैश्विक विमर्श चल रहा है।
'जीवन सुधारेगा AI'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'एआइ को जीवन सुधारना चाहिए, पहुंच बढ़ानी चाहिए, विकास को गति देनी चाहिए और हमें स्वस्थ धरती को बनाए रखने में भी मदद करनी चाहिए। विवाटेक 2026 में एआइ साझेदार देश के रूप में हमारी भागीदारी ठीक इसी विजन को दर्शाती है।'
पीएम ने कहा, 'भारत के लिए एआइ का मतलब है ऑल इनक्लूसिव यानी सभी के लिए समावेशी।' इस सम्मेलन में टेक-उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स, निवेशकों और वैश्विक कारोबारियों की उपस्थिति है।'
बाद में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स के साथ बातचीत की, जहां उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तथा व्यावहारिक समाधान के तमाम विकल्पों पर विमर्श किया गया।
विवाटेक में भारत की अब तक की यह सबसे बड़ी भागीदारी है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ-टेक, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, मोबिलिटी और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में विशेष पवेलियन लगाए गए हैं।
इस आयोजन में 80 से अधिक भारतीय डीप-टेक कंपनियां और स्टार्ट-अप्स भाग ले रहे हैं। इस भागीदारी से भारतीय और फ्रांस की प्रौद्योगिकी व्यवस्था के बीच साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।